सीवान. मंडल कारा में बंद पूर्व सांसद मो. शहाबुद्दीन से मुलाकात को लेकर हुए हंगामे का ठीकरा आखिरकार कारा अधीक्षक पर फूट गया. जेल मैनुअल का उल्लंघन करने पर जेल आइजी ने मंडल कारा अधीक्षक राधेश्याम रजक को निलंबित कर दिया है.

निलंबन की कार्रवाई के बाद एक बार फिर चर्चा में प्रकरण के आ जाने के साथ ही बीजेपी ने इसे मात्र औपचारिकता करार दिया है. बीजेपी नेता और पूर्व एमएलसी मनोज कुमार सिंह ने कहा कि मुलाकात को अगर जेल मैनुअल का उल्लंघन माना गया है, तो मंत्री, विधायक और अन्य मुलाकातियों को भी जिम्मेवार मानते हुए कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए. सरकार की दोहरी नीति का मामला उजागर हुआ है.

बिहार सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री अब्दुल गफ्फुर व विधायक ने कहा कि इस मामले को लेकर जेल प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठना लाजिमी है.