मुंबई. महाराष्ट्र के महाधिवक्ता श्रीहरि अणे ने पृथक मराठवाड़ा राज्य संबंधी बयान पर छिड़े विवाद के बाद राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया है. महाराष्ट्र के महाधिवक्ता श्रीहरि अणे की अलग मराठवाड़ा राज्य बनाने संबंधी टिप्पणी पर महाराष्ट्र विधानमंडल के दोनों सदनों में जमकर हंगामा हुआ था.

विपक्ष और सरकार की सहयोगी शिवसेना ने उन्हें पद से हटाने की मांग की थी जबकि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने संयम दिखाया था. फडणवीस इस संबंध में मंगलवार को सदन में बयान देने वाले हैं. अणे ने मराठवाड़ा को अलग राज्य बनाने की मांग की थी. शिवसेना का भारी विरोध था एडवोकेट जनरल श्रीहरी अणे के बयान पर शिवसेना मुखर होकर सामने आ गई थी.

शिवसेना ने सामना में बीजेपी पर हमला करते हुए कहा कि वह हर रोज महाराष्ट्र का अपमान कर रहे हैं. वह विदर्भ तोड़ो कहते थे, अब वो मराठवाड़ा को भी महाराष्ट्र से तोड़ो ऐसा कहने लगे हैं. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री इसे कैसे बर्दाश्त कर सकते है? सामना में मुख्यमंत्री को निशाने पर लेते हुए लिखा गया कि अणे की ऐसी हरकत के बावजूद मुख्यमंत्री उनके प्रति संवेदनशील हैं.

शिवसेना ने कहा कि ओवैसी और अणे की मानसिकता एक जैसी है लेकिन ओवैसी की जीभ काटकर लानेवाले को लाखों रुपया देनेवाले भाजपाई महाराष्ट्र द्रोही श्रीहरी अणे के मामले में इतने शांत क्यों हैं? मुख्यमंत्री महाराष्ट्र ही तुम्हारी मां है, इस मां की भी इज्जत को गंभीरता से देखो.

अणे के इस्तीफे के बाद भी शिवसेना का गुस्सा शांत नहीं हुआ है. शिवसेना अब अणे पर महाराष्ट्र द्रोह का मामला दर्ज करने की मांग कर रही है. शिवसेना विधायक प्रताप सरनाइक ने कहा कि इस्तीफे से काम नहीं चलेगा. जब तक मामला दर्ज नहीं होगा हम सदन चलने नही देंगे.