लखनऊ. यूपी के सीतापुर में दलित बस्ती में आग लगने से दो बच्चों की जिंदा जलकर मौत हो गई. दलित लोगों का आरोप है कि गांव के प्रधान को वोट ना देने की वजह से उनकी बस्ती को फूंका गया. लखनऊ से करीब 110 किलोमीटर दूर सीतापुर के लहरपुर थाने के पट्टी देहलिया इलाके की दलित बस्ती में ये आग लगी है.

दलित बस्ती में लगी आग पर किसी तरह काबू तो पा लिया गया. लेकिन, इस आग में दो बच्चों की जिंदा जलकर मौत हो गई. लोग बता रहे हैं कि बस्ती के 35 से ज्यादा घर आग में पूरी तरह खाक हो गए. सवाल ये है कि आग आखिर लगी कैसे. बस्ती में रहने वाले दलितों का आरोप है कि इलाके के प्रधान कमलेश वर्मा और उसके लोगों ने उन्हें निशाना बनाया है.

दलितों के मुताबिक कमलेश वर्मा ने प्रधानी चुनाव में अपना वोट उसे ही देने के लिए कहा था. ना मानने पर आग लगा देने की धमकी दी थी. दलितों ने कमलेश को वोट नहीं दिया. बावजूद इसके कमलेश चुनाव जीतकर फिर प्रधान बन गया और आरोप है कि इसके बाद उसने देहली पट्टी गांव के दलितों पर जुल्म शुरू कर दिया.

बताया जा रहा है कि कल शाम प्रधान कमलेश ने दलित बस्ती से सटे अपने खेतों में कचरे का बड़ा ढेर लगवाया और उस वक्त इस ढेर में आग लगवाई जब तेज हवाएं चल रही थी. हवाओं का रुख बस्ती की तरफ ही था लिहाजा आग की तेज लपटों ने फौरन ही बस्ती के घरों को अपनी चपेट में ले लिया और देखते ही देखते पूरी की पूरी बस्ती आग में खाक हो गई.

इतना ही नहीं आरोप ये भी है कि इलाके के लोगों के मना करने के बावजूद कमलेश ने अपने साथियों के साथ मिलकर गाँव के बाहरी हिस्से के घरों में खुद आग लागाई और मौके से फरार हो गया. इस आग में जिन दो बच्चों की मौत हुई है उनके नाम मुकेश और प्रियांशी हैं. मुकेश 8 साल का था. जबकि प्रियांशी सिर्फ 4 साल की थी.

दोनों ने भागकर आग से अपनी जान बचाने की कोशिश की लेकिन सबकी आंखों के सामने ही आग में वो जिंदा जल गए. दलितों का सीधा आरोप प्रधान कमलेश वर्मा और उसके लोगों पर है. आग की घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है. पुलिस जांच के बाद ही कार्रवाई की बात कह रही है.