देहरादून.  उत्तराखंड में हरीश रावत की सरकार के गिरने की अटकलें चल रही हैं. बीजेपी नेताओं पर आरोप है कि वो कांग्रेस के विधायकों को 5-5 करोड़ में खरीदने की कोशिश कर रही है. बताया जा रहा है कि 13 कांग्रेसी विधायक पाला बदल कर बीजेपी के साथ आने को तैयार हैं. दूसरी तरफ हरीश रावत कह रहे हैं कि उनकी सरकार सुरक्षित है.

उत्तरखंड सरकार के संकट में आने की अटकलें गुरुवार रात को तेज हो गईं. सूत्रों के मुताबिक बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय और के बीजेपी के उत्तराखंड प्रभारी श्याम जाजू देहरादून में थे और उन्होने बीजेपी विधायकों के साथ देर मीटिंग की है.

ऐसी खबर आई कि बजट सत्र के दौरान 13 कांग्रेस विधायक सरकार के खिलाफ वोट करेंगे. इसके बाद बीजेपी राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश करेगी. लेकिन बीजेपी के विधायक खुलकर कुछ भी नहीं कह रहे हैं. वहीं कांग्रेस की उत्तराखंड प्रभारी अंबिका सोनी के मुताबिक सबकुछ हवा हवाई है.

देखिए पूरा खेल क्या है ?

70 सीटों वाली उत्तराखंड विधानसभा में कांग्रेस के 36, बीजेपी के 28, तीन निर्दलीय और बीएसपी के 2 विधायकों के साथ ही एक विधायक यूकेडी का है. छह विधायक खुलकर हरीश रावत सरकार से नाराजगी जाहिर करते रहे हैं. इन सभी को बहुगुणा खेमे में माना जाता है. सबकी अपनी-अपनी मांग है. पू

र्व मुख्यमंत्री और अब विधायक विजय बहुगुणा जुलाई में खाली हो रही राज्यसभा सीट चाहते हैं. हरीश रावत के धुर विरोधी हरक सिंह रावत अपने चहेतों के लिए कम से कम तीन विधानसभा सीटों की मांग कर रहे हैं. जिनमें खुद के लिए डोईवाला सीट पर सीएम हरीश रात से पक्का आश्वासन चाहते हैं. दूसरी तरफ बीजेपी की नजर कम से कम दस असंतुष्ट विधायकों पर है.