मुंबई. महाराष्ट्र के पूर्व उप मुख्यमंत्री और एनसीपी नेता छगन भुजबल को मुंबई की स्पेशल कोर्ट ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. भुजबल 31 मार्च तक न्यायिक हिरासत में रहेंगे.

छगन भुजबल को दो दिन पहले मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया था. एनसीपी के नेताओं ने भुजबल की गिरफ्तारी को राजनीति षड्यंत्र बताया है.

पवार ने जताई थी नाराजगी

भुजबल परिवार पर जिस तरह से एसीबी और ईडी का शिकंजा कसा है उससे एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने भी नाराजगी जताई थी. पवार ने कहा था कि भुजबल परिवार पर राजनीतिक साजिश के तहत कार्रवाई हो रही है.

बेटे के पास 100 करोड़ का बंगला

छापे के दौरान छगन के बेटे पंकज के नाम पर नासिक में 100 करोड़ रुपए का बंगला होने का पता चला था. 46,500 वर्गफुट में फैले इस बंगले में 25 कमरे, स्विमिंग पूल और जिम भी है. भुजबल के 28 ठिकानों पर छापा मारा गया था. इसमें पुणे में भी उनकी करोड़ों रुपए की प्रॉपर्टी मिली थी. लोनावला में 2.82 हेक्टेयर में फैले छह बेडरूम वाले बंगले में हेलिपैड, स्विमिंग पूल के साथ विदेशी फर्नीचर और प्राचीन मूर्ति मिली थी.

ढाई हजार करोड़ की प्रॉपर्टी के मालिक हैं भुजबल

बीजेपी नेता किरीट सोमैया का दावा है कि भुजबल के पास ढाई हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की प्रॉपर्टी है. भुजबल ने अपने पूरे पॉलिटिकल करियर में नासिक, येवला, मुंबई, मझगांव शहरों से चुनाव लड़ा था. आरोप ये भी है कि जिन शहरों में भी छगन ने चुनाव लड़ा, वहां करोड़ों की प्रॉपर्टी बनाई. कुछ दिनों पहले एसीबी ने मुंबई, ठाणे, नासिक और पुणे में छापे मारे थे. वहां छगन और उनकी फैमिली मेंबर्स के नाम अरबों की प्रॉपर्टी मिली थी.

मां के साथ बेचते थे सब्जी

पॉलिटिक्स में आने से पहले छगन भुजबल मुंबई के भायखला सब्जी मंडी में मां के साथ सब्जी और फल बेचा करते थे. मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा करने के बाद बाल ठाकरे से प्रभावित होकर भुजबल शिवसेना से जुड़ गए. 1991 में ये शिवसेना छोड़ कांग्रेस में शामिल हो गए. बाद में जब शरद पवार ने कांग्रेस से अलग होकर NCP बनाई तो छगन, पवार के साथ चले गए.