महासमुंद. बेमौसम बरसात और ओलावृष्टि से पटेवा क्षेत्र के सैकड़ों किसानों की खड़ी धान और सब्जी की फसल बर्बाद हो गई. सूचना के बाद नायब तहसीलदार व अन्य अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर फसलों का निरीक्षण किया और मुआवजे की कार्रवाई शुरू करने की बात कही. विगत एक पखवाड़े से आए दिन तेज हवा के साथ बारिश हो रही है. बुधवार को भी जिले के कई हिस्सों में आंधी-तूफान के साथ बारिश व ओलावृष्टि हुई. जानकारी के मुताबिक, पटेवा क्षेत्र के करीब 24-25 गांवों में हुई तेज ओलावृष्टि से धान व सब्जी की फसल को भारी क्षति पहुंची है.
 
क्षेत्र के वाबनकेरा, चौकबेड़ा, बेलपारा, नवापारा, नरतोरा, पर्थी, खैरामुडा़, भटगांव, बरेकेला, रामखेड़ा, मानपुर, नवागांव, पचरी, सलिहाभाठा, तोरला, पटेवा, नवागांव, थुमड़ा, बोडी, खट्टा, कोकड़ी एवं बंबूरडीह क्षेत्र में लगभग 7-8 सौ किसानों ने रबी की फसल बोई थी. कुछ किसानों ने सब्जी भी उगाई थी. 
 
किसानों ने बताया कि बुधवार को हुई ओलावृष्टि से आस-पास के लगभग 24-25 गांवों के सैकड़ों किसानों की रबी की फसल शत-प्रतिशत बर्बाद हो चुकी है. उन्होंने बताया कि कुल मिलाकर लगभग 1200 एकड़ की फसल को नुकसान पहुंचा है. महासमुंद के नायब तहसीलदार अनुभव शर्मा ने कहा, “बुधवार को हुई बारिश और ओलावृष्टि से क्षेत्र के दर्जनों गांवों के किसानों की फसल बर्बाद हुई है. अभी तक 10 गावों के फसल बर्बादी की पुष्टि हो चुकी है. सर्वे चल रहा है. मुआवजा प्रकरण तैयार कर पेश किया जाएगा.” 
 
जिलाध्यक्ष किसान कांग्रेस एवं जिला पंचायत सदस्य लक्ष्मण पटेल ने कहा कि “बुधावर शाम ओलावृष्टि से पटेवा क्षेत्र के सैकड़ों किसानों की रबी फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है. इनका जल्द से जल्द प्रकरण तैयार कर उचित मुआवजा किसानों को दिया जाना चाहिए.”