नई दिल्ली. आर्ट ऑफ लिविंग (एओएल) के संस्थापक श्री श्री रविशंकर ने बेंगलुरु रवाना होने से पहले यमुना खादर इलाके में आयोजित हुए अपने तीन दिवसीय वर्ल्ड कल्चर फेस्टिवल कार्यक्रम के स्थल का दौरा किया. रवि शंकर ने वहां जारी स्वच्छता अभियान का निरीक्षण किया. इसमें उनके सैकड़ों अनुयायी व स्वयंसेवक जुटे हुए हैं.
 
एओएल ने एक बयान में कहा कि दिल्ली का पीओएम पीओएम नाम का रिसाइक्लिंग स्टार्टअप सफाई अभियान में रिसाइक्लिंग साझेदार के रूप में शामिल हुआ है. बयान में कहा गया, “टीम पीओएम पीओएम आयोजन स्थल से रिसाइकिल वस्तुओं को जमा करने के लिए जिम्मेदार है, जो यह सुनिश्चित करेगा कि उनका रिसाइकिल हो न कि वह जमीन में मिल जाए.” 
 
बयान के मुताबिक, पीओएम पीओएम ने 22 ट्रक रिसाइकिल वस्तुओं को इकट्ठा किया है. इसके अलावा और इकट्ठा किया जाना है. इन वस्तुओं को फैक्ट्री भेजा जाएगा, जहां इनका इस्तेमाल कच्चे माल के रूप में होगा. एओएल के प्रवक्ता ने कहा कि स्वच्छता अभियान के पूरा होने में एक महीने का समय लगेगा. 
 
एओएल के बयान के मुताबिक, “रविशंकर यमुना नदी के किनारे पहुंचे और स्थल पर जारी स्वच्छता अभियान का निरीक्षण किया. उन्होंने स्वच्छता दल को अगले एक महीने के लिए चलाए जाने वाले अभियान संबंधी निर्देश दिए. उन्होंने स्थल को गंदा नहीं करने के लिए लोगों की प्रशंसा की.” बयान में कहा गया है कि वर्तमान में कारपेट को लपेट दिया गया है और कुर्सियों को इकट्ठा कर लिया गया है. इस बीच, यमुना खादर इलाके के किसानों ने शिकायत की कि केवल कुछ ही जगहों से कूड़े-कचरे हटाए जा रहे हैं. 
 
यमुना खादर इलाके के एक किसान दयाराम ने कहा, “हर जगह कूड़ा-कचरा बिखरा हुआ है, चाहे मैदान हो या अस्थायी तौर पर बनाई गई सड़क.” उन्होंने कहा, “कभी-कभी दिल्ली नगर निगम के कर्मचारी आते हैं और कुछ कूड़ा उठाकर ले जाते हैं, जो पूरी सफाई के लिए पर्याप्त नहीं है.” आर्ट ऑफ लिविंग ने कहा कि सात एकड़ क्षेत्र में बने मंच को पूरी तरह समेटने में दो से तीन सप्ताह का समय लगेगा और इसके बाद भी सफाई का काम जारी रहेगा. आर्ट ऑफ लिविंग के मुताबिक, आयोजन स्थल के सफाई के काम में पांच एजेंसियों को लगाया गया है.