कानपुर. प्रधानमंत्री कार्यालय ने कानपुर के उन दो मासूमों की गुहार पर तुरंत कार्रवाई कर मदद की. जिन्होंने अपने बीमार पिता के इलाज के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर चिठ्ठी लिख कर मदद मांगी थी. जिसके बाद प्रधानमंत्री कार्यालय ने कानपुर के जिलाधिकारी (डीएम) को इलाज में मदद करने को कहा और बच्चों के बीमार पिता का इलाज तुरंत शुरू हो गया.
 
मिली जानकारी के अनुसार 13 साल का सुशांत और महज 8 साल का तनमय अपने पिता सरोज मिश्रा के अस्थमा की बीमारी से परेशान थे. ये बच्चेऔ आर्थिक रूप से टूट चुके थे और चंदा मांगकर इलाज करा रहे थे. जिसके बाद दोनों बेटे और 28 जनवरी 2016 को प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर अपने पिता का इलाज कराने की बात कही.
 
क्या लिखा था चिठ्ठी में 
मैं अति गरीब सिलाई मजदूर का बेटा हूं। चंदे से मेरे पिता का इलाज चल रहा है। मैं, मेरी मां और छोटा भाई पिता के ही सहारे हैं। यदि आप की कृपा हो जाएगी तो मेरे पिता का समुचित इलाज हो जाएगा और हम दोनों भाइयों का भविष्य बिगड़ने से बच जाएगा। मेरा पूरा परिवार जीवन पर्यंत हृदय से मानता रहेगा.
 
‘टीवी पर लगा मोदी अच्छेा इंसान हैं’
सुशांत ने बताया कि मैं अक्सर टीवी पर मोदी को देखा करता था. टीवी पर देखकर लगा कि वह बहुत अच्छेब इंसान हैं और हमेशा दूसरों की मदद करते हैं. ऐसे में मेरे मन में विचार आया कि अब पीएम को अपनी समस्या बताकर उनसे मदद की गुहार लगाई जाए. सुशांत ने कहा कि तब मैने मोदी के नाम पत्र लिखा, लेकिन उनके ऑफिस का एड्रेस मुझे पता नहीं था. इसके बाद पड़ोस में रहने वाले संतोष कुमार शुक्ला को मैंने लेटर दिखाया. उन्हों ने पीएम ऑफिस का पता पूछकर मेरा लेटर पोस्टस कर दिया. 
 
सुशांत ने यह भी बताया कि  26 फरवरी को पीएम ऑफिस से यहां के डीएम के पास स्पीड पोस्ट से लेटर आया. लेटर में लिखा था कि उर्सला अस्पताल में जाकर सीएमओ से तुरंत बात करें.
 
‘इलाज और दवाओं के लिए कोई शुल्क नहीं’
सीएमओ डॉ रामायण प्रसाद यादव ने बताया कि जिला अस्पताल उर्सला में मिश्रा का पूरा चेक अप करने के बाद पाया गया कि वह बुरी तरह से अस्थमा रोग से पीड़ित है. उन्हें विशेषज्ञ की निगरानी में रखा गया और जरूरी दवायें दी गयीं. इसके अलावा सीएमओ ने यह भी कहा कि अगर दवाओं से उनकी तबियत नहीं सुधरी तो उन्हें अस्पताल में भर्ती कर उनका इलाज किया जाएगा. साथ ही चेकअप, इलाज और दवाओं के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जा रहा है.