मुजफ्फरपुर. बहुचर्चित खबड़ा हत्याकांड में एडीजे सप्तम की कोर्ट ने एक दोषी को फांसी की सजा सुनाई है. कोर्ट ने मामले में सुनवाई पूरी करने के बाद अभिजीत उर्फ अष्टम को फांसी की सजा के साथ 20 हजार के अर्थदंड की सजा भी सुनाई है. 
 
अभिजीत भागलपुर जिले के बिहपुर का रहने वाला है. इस मामले में जमानत पर न्यायिक हिरासत से रिहा हुए दो आरोपित फरार चल रहे हैं. कोर्ट ने फरार अभियुक्तों के खिलाफ अलग से ट्रायल चलाने का फैसला लिया है. साथ ही फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी का आदेश दिया है.
 
स्केच के आधार पर की गई गिरफ्तारी
अभिजीत की गिरफ्तारी लोगों से पूछताछ के बाद बनाए गए स्केच के आधार पर की गई थी. गिरफ्तारी के बाद उसने पुलिस के सामने दिए बयान में अपना अपराध भी स्वीकार कर लिया था. जिसके बाद कोर्ट ने उसे डकैती के दौरान हत्या, षडयंत्र करने और शस्त्र अधिनियम के तहत दोषी करार करते हुए यह सजा सुनाई है.
 
आधुनिक हथियारों का इस्तेमाल
पुलिस के मुताबिक हत्या के दौरान आधुनिक हथियारों का इस्तेमाल किया गया था. इसके अलावा पुलिस ने मौके से कार्बाइन और 315 बोर के 13 खोखे के साथ दो जिंदा कारतूस भी बरामद किए थे. पुलिस ने यह भी बताया कि मौके पर एक अलमारी भी खुली मिली थी. जिसमें गहने के खाली डिब्बे और ब्रीफकेसक में रखी कुछ फाइलें अस्त-व्यस्त मिलने से यह आशंका जताई गई थी कि हत्यारे किसी चीज की खोज कर रहे थे.
 
क्या है पूरा मामला
3 जुलाई 2010 की रात खबड़ा में हत्यारों ने कुमार परिवेश के साथ उनकी पत्नी रानी, बेटा कर्ण परिबेश, मां लक्ष्मी रानी के साथ घरेलू नौकर रंजीत और घर में काम करने बढ़ई मिस्त्री सुबोध ठाकुर को भी मार डाला था. जिसके बाद कुमार परिवेश की बहन प्राची चौधरी के बयान पर अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी. जिसके बाद पुलिस ने तीन अभियुक्तों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र समर्पित किया था.