इंफाल. इंफाल की एक अदालत ने मणिपुरी अधिकार कार्यकर्ता इरोम चानू शर्मिला को न्यायिक हिरासत से रिहा करने का आदेश दिया है. मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) (पूर्व) ने शर्मिला को रिहा के आदेश देते हुए कहा कि इस महिला के खिलाफ आत्महत्या के प्रयास का कोई सबूत नहीं है.
 
बता दें कि इरोम अफ्सपा निरस्त करने को लेकर दबाव बनाने के वास्ते एक अनिश्चितकालीन अनशन पर है , जिसकी वजह से भारतीय दंड संहिता की धारा 309 के तहत आत्महत्या का प्रयास करने के  गुनाह में उन्हें हिरासत में लिया गया था.
 
इरोम ने कोर्ट में मीडिया से कहा कि उन्हें भरोसा है कि वह लोगों की सहयोग से अफ्सपा निरस्त करने की अपनी मांग प्राप्त कर लेंगी. उन्होंने अपनी मांग के लिए अपना अनशन जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई.