इम्फाल. मणिपुर से आर्म्ड फोर्स कानून हटाने की मांग को लेकर पिछले 15 सालों से अनशन कर रहीं हैं. मणिपुर की मानवाधिकार कार्यकर्ता इरोम शर्मिला का कहना है कि वह अपना आमरण अनशन जारी रखेंगी. शर्मिला को पश्चिमी इम्फाल के मुख्य न्यायिक न्यायाधीश की अदालत में बुधवार को पेश किया गया था. उन्होंने बताया कि वह मणिपुर की प्राचीन राजधानी कांगला में अपना अनशन जारी रखेंगी.
 
शर्मिला चार नवंबर, 2000 से अनशन पर बैठी हैं और उन पर आईपीसी की धारा 309 के तहत कई बार आत्महत्या के प्रयास का आरोप लग चुका है. 
 
पिछले साल दोषी न पाए जाने पर उन्हें मुक्त कर दिया गया था, इसलिए उनके वकील को उम्मीद है कि उन्हें इस बार भी रिहा कर दिया जाएगा. पिछली बार 22 जनवरी, 2015 को अदालत ने उन्हें रिहा कर दिया था, लेकिन इम्फाल के महिला बाजार में अपना अनशन जारी रखने के कारण पुलिस ने उन्हें दो दिन बाद फिर से हिरासत में ले लिया था. 
 
उन्हें जिस अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया जाता है, उसके अनुसार उन्हें केवल एक साल ही हिरासत में रखा जा सकता है और साल के अंत में उन्हें रिहा कर दिया जाता है. लेकिन उनके लगातार अनशन की वजह से उन्हें दोबारा गिरफ्तार कर लिया जाता है. 
 
उन्हें पांच अक्टूबर 2006 को भी अदालत द्वारा रिहा कर दिया गया था. लेकिन दिल्ली के जंतर मंतर पर फिर अनशन करने के कारण दिल्ली पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था. उन पर दिल्ली की पटियाला हाउस अदालत में आत्महत्या के प्रयास का मामला चल रहा है.