पटना. आरक्षण पर गैर-राजनीतिक समिति बनाने के आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान को ‘संविधानेतर’ बताते हुए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि आरएसएस और बीजेपी दलितों और ओबीसी का आरक्षण खत्म करना चाहते हैं.

कैबिनेट की बैठक के बाद कुमार ने संवाददाताओं से कहा कि आरएसएस प्रमुख ने पहले भी बिहार विधानसभा चुनावों के दौरान बयान दिया था कि आरक्षण नीति की समीक्षा के लिए समिति बनाई जानी चाहिए. लेकिन संविधान में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि आरक्षण सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़ों को दिया जाएगा और इस आधार पर दलितों और पिछड़े तबके को आरक्षण मिला है. अब आरएसएस प्रमुख ‘संविधानेतर’ बातें कर रहे हैं.

नीतीश कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार की विचारधारा भी आरएसएस वाली है. वे (आरएसएस और बीजेपी) दलितों और पिछड़ों को आरक्षण दिए जाने से नाखुश हैं. वे आरक्षण को खत्म करना चाहते हैं. आरएसएस प्रमुख ने सोमवार को कहा था कि आरक्षण की योग्यता पर निर्णय करने के लिए गैर-राजनीतिक समिति बनाई जानी चाहिए.