जयपुर. बॉलीवुड स्‍टार सलमान खान के लिए मुश्किलें अभी पूरी तरह से खत्‍म नहीं हुई है. काले हिरण शिकार मामले में आज राजस्थान हाईकोर्ट में सुनवाई होगी.  बता दें कि इस मामले में बॉलीवुड सितारे को एक साल की सजा सुनाई गई थी, जिसके खिलाफ सलमान ने अपनी ओर से कोर्ट में याचिका दायर की थी. 
 
बता दें कि इस मामले में इसी साल नवंबर में हुई सुनवाई में सलमान खान के वकील ने बॉलीवुड सितारे की ओर से इस्‍तेमाल की गई जिप्‍सी के ड्राइवर हरीश दुलानी को गवाह बनाए जाने का विरोध किया है. सलमान के वकील के अनुसार, हरीश ने उन्हें बताया था कि उससे जिप्सी लेने के बाद सलमान खान और एक अन्य आरोपी दुष्यंत सिंह ने उसे जाने को कहा था. जंगल में जाते वक्त वह गाड़ी में था ही नहीं, तो उसे चश्मदीद कैसे बनाया जा सकता है. उन्होंने यह भी दलील दी थी कि जिप्सी में से जो बंदूक के छर्रे मिले हैं, वे पक्षियों का शिकार करने के लिए थे, न कि जंगली जानवर के.
 
क्या है पूरा मामला
सितंबर,1998 में राजस्थान में सूरज बड़जात्या की फ़िल्म ‘हम साथ साथ हैं’ की शूटिंग चल रही थी। फिल्‍म में मुख्य भूमिकाएं निभा रहे अभिनेता सलमान खान, सैफ अली खान, सोनाली बेंद्रे और तब्बू और नीलम पर संरक्षित जानवर काले हिरण के शिकार का आरोप लगा.
 
चार केस हुए थे दर्ज 
शिकार मामले में सलमान पर चार केस दर्ज हुए। पहला, मथानिया और भवाद में दो चिंकारा के शिकार के लिए दो अलग-अलग मामले, तीसरा कांकाणी में काले हिरण का शिकार और .32 और .22 बोर रायफ़ल लाइसेंस समाप्ति के बाद भी रखने के आरोप में सलमान पर आर्म्स एक्ट के तहत चौथा मामला दर्ज किया गया. जिसमें 16 गवाहों के बयान दर्ज किए गए. इन दोनों हथियारों की लाइसेंस अवधि 22 सितंबर 1998 को ही समाप्त हो चुकी थी. शिकार प्रकरण की तारीखें 27 सितंबर, 28 सितंबर, 1 अक्टूबर, 2 अक्टूबर की रात बताई गई हैं.