नई दिल्ली. आरक्षण पर केन्द्र के आश्वासन के बाद हरियाणा के कुछ इलाकों में जाटों का आंदोलन नरम पड़ा है. जिसके बाद रोहतक में जाटों ने आंदोलन खत्म कर लिया है. लेकिन कई इलाकों में जाट समुदाय अभी भी प्रदर्शन कर रहे हैं.

हिंसा में अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है और 150 घायल हो चुके हैं. हिंसा में मरने वाले लोगों को सरकार ने 10 लाख और घायलों को 2-2 लाख का मुआवजा देने की घोषणा की है.

हरियाणा के पानीपत में हालात सामान्य हो रहे हैं लेकिन सोनीपत के गन्नौर से हिंसा की ख़बरें आई हैं. यहां प्रदर्शनकारियों ने एक मालगाड़ी में आग लगा दी है.

जाट आंदोलन ने सबसे ज़्यादा नुकसान रेलवे को पहुंचाया है. तमाम गाड़ियां रोक दी गई हैं, उनके रूट बदले गए हैं हज़ारों मुसाफ़िर परेशान हैं. इस आंदोलन से अब तक 1000 गाड़ियां प्रभावित हुई हैं.

पानीपत, कैथल, जींद, भिवानी, रोहतक. झज्जर, सोनीपत, हिसार और गुड़गांव कुल 9 ज़िलों में स्कूल, कॉलेज अब भी बंद हैं.  रोहतक, भिवानी, झज्जर और सोनीपत में कर्फ़्यू हटाने पर प्रशासन सोमवार को विचार करेगा.

जाट आरक्षण के मुद्दे की आग राजस्थान तक पहुंची और भरतपुर में प्रदर्शनकारियों ने हाईवे जाम कर दिया. साथ ही एक बस को आग के हवाले भी कर दिया.

दरअसल कई जाट आंदोलनकारी सरकार से आरक्षण का लिखित आश्वासन मांग रहे हैं. वहीं रविवार को जाट नेताओं की गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाक़ात के बाद यह तय हुआ है कि अन्य पिछड़ा वर्ग के तहत जाटों को आरक्षण दिया जाएगा. इसके लिए आगामी विधानसभा सत्र में हरियाणा सरकार बिल लाएगी.

केंद्र में अन्य पिछड़ा वर्ग के तहत जाट आरक्षण पर विचार के लिए वेंकैया नायडू की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय कमेटी बनी है. नायडू ने कहा है कि पहली प्राथमिकता शांति बनाए रखने की है और इसके बाद आरक्षण के सभी पहलुओं पर बात की जाएगी.