अलीगढ़. सोशल मीडिया पर एक फोटो शेयर की गई है, जिसमें अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की कैंटीन में बीफ परोसने की बात कही गई है. मेन्यू बोर्ड की इस फोटो में बीफ बिरयानी का ऑप्शन दिया गया है. मामले के तूल पकड़ने पर मेन्यू बोर्ड को हटवा दिया गया है.

इस मामले पर एएमयू प्रवक्ता राहत अबरार ने कहा है कि ये संस्थान को बदनाम करने की साजिश है. कैंटीन का ठेका 23 फरवरी को समाप्त हो रहा है. ऐसे में ठेका पाने की चाह रखने वाले कुछ लोगों ने ये अफवाह फैलाई है. ताकि उन्हें कैंटीन का ठेका मिल जाए.

मामला बढ़ने के बाद प्रॉक्टर एम मोहसिन खान समेत सीनियर अफसरों ने कैंटीन की जांच की है. मोहसिन खान के मुताबिक, ‘मैं भरोसे से कह सकता हूं कि जिस बीफ बिरयानी का जिक्र हो रहा है, वह भैंस का गोश्त है. विवि में 1884 से बीफ बैन है.

इस मामले के बाद विवि ने कैंटीन के मेन्यू कार्ड को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है. इसमें कहा गया है कि अब जो भी मेन्यू कार्ड लगाया जाएगा, उसमें सिर्फ बिरयानी या कोरमा जैसे शब्दों का यूज ही किया जाएगा. इसमें मीट का प्रकार नहीं बताया जाएगा.

बीजेपी ने की कार्रवाई की मांग

अलीगढ़ की बीजेपी मेयर शकुंतला भारती ने जिला प्रशासन से लिखित रूप में शिकायत की है. उनकी मांग है कि यूनिवर्सिटी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच की जाए. साथ ही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए.