चंडीगढ़. जाट आरक्षण की मांग को लेकर हरियाणा में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं. एक सरकारी प्रवक्ता के मुताबिक झज्जर में चार लोग मारे गए हैं और 10 जख्मी हैं. वहीं हिसां में अबतत 9 लोगों की मौत होने की खबर है. हालातों को देखते हुए प्रदेश के 6 जिलों में कर्फ्यू लगा दिया गया है.

कैथल में भी एक शख्स की मौत हुई है और रोहतक में पांच लोग जख्मी हुए हैं. रोहतक और सोनीपात में हालात पर काबू पाने के लिए आईआरबी और एचएपी की 15 कंपनियां,अर्धसैनिक बलों की 3 कंपनियां और सेना की दो टुकड़ियां पहले ही तैनात की जी चुकी हैं. हरियाणा सरकार के एक प्रवक्ता ने जानकारी दी है कि अबतक करीब 154 एआईआर दर्ज की गई हैं और उपद्रवियों की पहचान की जा रही है.

शनिवार की सुबह सेना के जवान हालात संभालने के लिए हेलिकॉप्टर से रोहतक में उतरे लेकिन बवाल करने वालों की तादाद हज़ारों में थी. कर्फ्यू के बावजूद दुकानों को लूटा गया, आगजनी हुई. रोहतक में घुसने के लिए सेना को भी काफी मशक्कत करनी पड़ी. बताया जा रहा है कि करीब 150 सेना के जवानों को 15 हज़ार लोगों की भीड़ का सामना करना पड़ रहा था.

जाट आरक्षण आंदोलन की चिंगारी से रोहतक-गोहाना के बीच टोल प्लाज़ा और दुकानें, जींद में तहसील कंपाउन्ड, कैथल में बस अड्डा और सोनीपत में एक होटल जल गए. जींद में रेलवे स्टेशन को आग के हवाले कर दिया गया.

रोहतक में वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु के घर पर हमले के बाद बाद झज्जर में एक और मंत्री ओपी धनकड़ के घर पर भी पथराव हुआ. हिंसा और आगज़नी के बाद सोनीपत, गोहाना और झज्जर में भी कर्प्यू लगाना पड़ा. गुड़गांव में जाम के हालत रहे और मानेसर में मारुति के प्लांट में भी फिलहाल प्रोडक्शन रोक दिया गया है.