चंडीगढ़. जाट आरक्षण आंदोलनकारियों से अपना आंदोलन खत्म करने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बयान जारी कर आंदोलनकारियों से अपील की कि ‘वे अपने घरों को लौट जाएं, क्योंकि सरकार ने उनकी मांगों को स्वीकार कर लिया है.’ हालांकि उन्होंने इस पर विस्तार से जानकारी नहीं दी.

मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को चंडीगढ़ में सर्वदलीय बैठक के बाद कहा था कि जाटों को आरक्षण देने का तरीका ढूंढा जाएगा.  जाट नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में ओबीसी श्रेणी के तहत आरक्षण की मांग कर रहे हैं.

आंदोलनकारियों ने शनिवार को ‘सरकार से लिखित आश्वासन’ की मांग करते हुए कहा कि ‘हर बार खोखले वादों से मूर्ख नहीं बना सकते.’ जाट आंदोलन शुक्रवार को ही हिंसक हो गया, जिससे एक व्यक्ति की मौत हो गई और यह राज्य के विभिन्न हिस्से में फैल गया. खट्टर ने शनिवार को कहा कि सार्वजनिक संपति को नुकसान पहुंचाने से कुछ भी हासिल नहीं होगा.