नई दिल्ली. दिल्ली में आम लोगों की तो जाने दीजिये खुद पुलिस वाले महफूज़ नहीं हैं. परिवार के साथ कार में जा रहे एक कांस्टेबल को द्वारका सेक्टर-2 के पास कुछ दबंगों ने जमकर पीटा. जब कांस्टेबल अपनी शिकायत लेकर थाने गया तो एफआइआर करना तो दूर, उल्टे उस पर समझौता करने का दबाव बनाया गया. बाद में उससे समझौता पत्र पर हस्ताक्षर भी करा लिया गया. 

रोहिणी नॉर्थ थाने में तैनात कांस्टेबल सुरेंद्र कुमार परिवार के साथ विजय एंक्लेव में रहते हैं. शनिवार रात करीब 10 बजे वे जनकपुरी में लगने वाले साप्ताहिक बाजार से खरीदारी कर कार से घर लौट रहे थे. जब वे द्वारका सेक्टर 2 स्थित पावर हाउस के पास पहुंचे तो उनकी कार पंक्चर हो गई. वे कार को सड़क किनारे खड़ी कर स्टेपनी लगाने लगे. इसी दौरान एक दूसरी कार वहां आकर रुकी और उसने सुरेंद्र से कहा कि गाड़ी यहां क्यों खड़ी है. सुरेंद्र के जवाब देने से पहले ही वह उससे गाली-गलौच करने लगा. जब उसने एतराज जताया तो वे अपने और साथियों को बुला लिया और सुरेंद्र की पिटाई करने लगे.

जब बदमाशों को पता चला कि सुरेंद्र दिल्ली पुलिस में कार्यरत है तो दबंगों ने उसकी ज्यादा पिटाई करनी शुरू कर दी. इस दौरान सुरेंद्र की पत्नी व बच्चे कार से नीचे उतरे और उन्होंने बचाने का प्रयास किया. बदमाशों ने उन्हें भी नहीं बख्शा. पिटाई करने के बाद बदमाश मौके से फरार हो गए. पीसीआर को कॉल कर सुरेंद्र ने घटना की जानकारी पुलिस को दी. दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल में मेडिकल कराने के बाद सुरेंद्र को द्वारका सेक्टर 1 पुलिस चौकी लाया गया. यहीं से पुलिस का टालमटोल रवैया चलता रहा. पीड़ित की शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय पुलिस ने चौकी में बिठाए रखा. परोक्ष रूप से उस पर समझौता करने का दबाव बनाया जा रहा था. घायल अवस्था में देर रात तक बैठने के बाद उनका सब्र जवाब देने लगा और उसने समझौता पत्र पर हस्ताक्षर कर दिया. 

IANS