तिरूवनंतपुरम. जानीमानी बांग्लादेशी लेखिका तसलीमा नसरीन का मानना है कि गोमांस खाने के लिए लोगों की हत्या असहिष्णुता नहीं बल्कि एक ‘जघन्य अपराध’ है और इस पर रोक लगनी चाहिए.
 
‘भारत असहिष्णु नहीं है’
तसलीमा ने कहा, ‘‘ऐसा नहीं है कि यहां अचानक असहिष्णुता शुरू हो गई है. एक देश के तौर पर भारत असहिष्णु नहीं है क्योंकि भारत में संविधान और कानून है जो असहिष्णुता का समर्थन नहीं करता. कुछ लोग हर जगह असहिष्णु होते हैं. सख्त कानूनों के चलते आप असहिष्णुता का आचरण नहीं कर सकते. यहां बड़ी संख्या में धर्मनिरपेक्षतावादियों ने असहिष्णुता के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया, यह एक अच्छा संकेत है.’’ 
 
‘निष्पक्ष और धर्मनिरपेक्ष है भारत सरकार’
हाल में कोझीकोड साहित्य महोत्सव में हिस्सा लेने के लिए केरल आईं तसलीमा ने एक मलयाली टेलीविजन चैनल से कहा, ‘‘गोमांस खाने के लिए लोगों की हत्या करना असहिष्णुता नहीं बल्कि जघन्य अपराध है. इसे रोका जाना चाहिए.’’ यह पूछे जाने पर कि क्या वह भारत की नागरिक होना चाहती हैं, अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सत्ता में हैं, तसलीमा ने कहा कि उनका मानना है कि भारत सरकार निष्पक्ष और धर्मनिरपेक्ष है.
 
भारत में रहने पर खुश होउंगी’
उन्होंने कहा कि उन्हें और प्रसन्नता होगी यदि भारत सरकार उन्हें एक निवास की अनुमति दे दे. ‘‘मुझे यदि भारत में निवास की अनुमति दी जाती है तो मैं और बहुत खुश होउंगी.’’ उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का हाल में पाकिस्तानी गायक अदनान सामी को भारतीय नागरिकता प्रदान करने का निर्णय एक अच्छा संकेत है.