गाजियाबाद. गाजियाबाद के वैशाली मेट्रो स्टेशन से अपहरण हुई ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट ‘स्नैपडील’ की कर्मचारी दीप्ति सरना अपहरणकर्ताओं के चंगुल से बच निकलने में कामयाब रही. स्नैपडील की कार्यकारी दीप्ति सरना का बुधवार रात अपहरण कर लिया गया था.

दीप्ति के दादा के.एन. सरणा ने बताया कि उसने शुक्रवार सुबह छह बजे अपने पिता नरेंद्र सरणा को एक अज्ञात नंबर से फोन किया. उसने बताया कि वह करनाल (हरियाणा) में अपहरणकर्ताओं की कैद से भाग आई है और नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर है. उसने उसे रेलवे स्टेशन से ले जाने के लिए कहा. गाजियाबाद पुलिस ने दिल्ली से कार में लौट रहे नरेंद्र सरना को रास्ते में रुकवाया और उन्हें पूछताछ के लिए वैशाली पुलिस थाने ले गई.

इससे पहले पुलिस को दीप्ति के अपहरण के 30 घंटों बाद भी उसका कोई सुराग नहीं लगा था. स्थानीय लोगों ने अपहरण के विरोध में सड़कें भी अवरुद्ध की थी और हापुड़ रोड पर एसएसपी के ऑफिस के बाहर धरने पर बैठ गए थे.

क्या है पूरा मामला ?

ई-कॉमर्स वेबसाइट स्नैपडील की महिला आईटी इंजीनियर दीप्ति सरना गुड़गांव के ऑफिस में काम करती है. रिपोर्ट्स के मुताबिक वह बुधवार को अपने ऑफिस गई थी. ऑफिस के बाद दीप्ति ने वैशाली मेट्रो स्टेशन से अपने घर जाने के लिए ऑटो शेयरिंग किया.

दिप्ति का घर वैशाली मेट्रो स्टेशन से आठ किलोमीटर दूर था. दीप्ति ने बुधवार शाम 8:30 बजे अपने घर जाने के लिए ऑफिस से गाजियाबाद कविनगर के लिए ऑटो में बैठी थीं उसमें एक अन्य युवती के अलावा ऑटो ड्राइवर समेत तीन युवक भी सवार थे.

दूसरी युवती को बदमाशों ने चाकू की नोंक पर मोहन नगर के पास जबरन उतार दिया था. इसकी जानकारी उसने पुलिस को दी. लड़की ने बताया कि उसके उतरने के बाद दीप्ति वाला ऑटो राजनगर एक्सटेंशन की तरफ मुड़ गया. पुलिस मामले की जांच में जुट गई.