श्रीनगर. जम्मू से करीब 35 किमी दूर आतंकवाद प्रभावित त्राल शहर में कट्टरपंथी हुर्रियत नेता सैयद अली शाह गिलानी की रैली में फिर पाकिस्तान समर्थक नारे लगे हैं और पाकिस्तानी झंडा भी लहराया गया. शुक्रवार को आयोजित इस रैली में गिलानी ने कहा कि दक्षिण कश्मीर में होने वाली सालाना अमरनाथ यात्रा को श्रद्धालुओं की सुरक्षा और पर्यावरण की रक्षा की खातिर 30 दिन की कर देना चाहिए, जो कि इस 59 दिनों की है.

गिलानी ने घाटी में शराब की बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध का आह्वान भी किया. उन्होंने हिंदू, सिखों और ईसाइयों को कश्मीरी समाज का हिस्सा बताते हुए गिलानी ने कहा, ‘हम पंडितों की वापसी का स्वागत करते हैं, लेकिन उनके लिए अलग टाउनशिप न तो पंडितों के लिए अच्छा है और न ही मुस्लिमों के लिए.’ गिलानी ने आरोप लगाया कि स्कूल स्तर पर स्थायी निवासी प्रमाणपत्र देना पश्चिम पाकिस्तान के शरणार्थियों को ‘पिछले दरवाजे’ से बसाने का एक षड्यंत्र है. गिलानी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद जम्मू-कश्मीर में आरएसएस का ‘मुस्लिम विरोधी’ एजेंडा चला रहे हैं. उन्होंने कहा कि कई लोग कहते हैं कि पीडीपी अन्य दल से कहीं ज्यादा खतरनाक है. मुफ्ती तो केवल कुर्सी पर हैं, लेकिन अधिकार नागपुर में हैं और राज्य को (प्रधानमंत्री नरेंद्र) मोदी और (केंद्रीय गृहमंत्री) राजनाथ सिंह चला रहे हैं. 

इससे पहले गिलानी की 15 अप्रैल को आयोजित रैली में भी समर्थकों ने पाकिस्तानी झंडे लहराए थे, जिसके बाद उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था. गिलानी के करीबी सहायक मसर्रत आलम भट और अन्य के खिलाफ राजद्रोह तथा अन्य मामले दर्ज किए गए थे. उस रैली के अगले ही दिन मसर्रत आलम को गिरफ्तार कर लिया गया और एक हफ्ते बाद उसके खिलाफ जनसुरक्षा कानून के तहत मामला दर्ज किया गया था.