नई दिल्ली. कांग्रेस नेता सज्जन कुमार के खिलाफ 1984 के सिख विरोधी दंगे के मामले की सुनवाई कर रही एक कोर्ट ने मामले की कार्यवाही की वीडियो रिकार्डिग के लिए किए गए इंतजामों पर संतुष्टि जताई. जिला न्यायाधीश अमरनाथ ने मामले को फिर से शुरू करने के लिए 26 अप्रैल की तारीख तय की. इंतजामों को देखने के बाद उन्होंने कहा, “अब इस मामले की कार्यवाही की वीडियोग्राफी की जा सकती है.”
 
सज्जन कुमार हैं मुख्य आरोपी
30 नवंबर 2015 को दिल्ली हाईकेोर्ट ने 84 के दंगे का एक मामला कड़कड़डूमा कोर्ट से पटियाला हाउस कोर्ट को ट्रांसफर किया था. इस मामले में सज्जन कुमार आरोपी हैं. हाईकोर्ट ने इस मामले की कार्यवाही की वीडियोग्राफी का भी निर्देश दिया था.
 
वीडियो रिकार्डिग का खर्चा उठाने को तैयार
सज्जन कुमार और दो अन्य आरोपियों ने बीते महीने कोर्ट को बताया था कि वे कार्यवाही की वीडियो रिकार्डिग का खर्चा उठाने के लिए तैयार हैं. कोर्ट ने शुक्रवार का दिन वीडियो रिकार्डिग सिस्टम का मुआयना करने के लिए तय किया था. 
 
कोर्ट ने तीनों पर आरोप तय किए
सज्जन कुमार, ब्रहमानंद गुप्ता और वेद प्रकाश पर आरोप है कि उत्तरी दिल्ली के सुलतानपुरी में दंगे में सिखों की हत्या में इनका हाथ था. कोर्ट ने इन तीनों के खिलाफ हत्या और अन्य आरोप तय किए हैं. 
 
बता दें कि दंगों की जांच करने वाले नानावती आयोग की सिफारिश के आधार पर इन तीनों के खिलाफ 2005 में मामला दर्ज हुआ था. सीबीआई ने सज्जन कुमार व दो अन्य के खिलाफ जनवरी 2010 में आरोप पत्र दायर किए थे.