जयपुर. पुरस्कार वापस लौटाने वाले साहित्यकारों में शामिल हिन्दी कवि उदय प्रकाश ने कहा कि मैं अपना पुरस्कार वापस नहीं लेने जा रहा. उन्होंने दावा किया कि अवार्ड वापसी अभियान में शामिल लेखकों को अवार्ड फिर से स्वीकार करने के लिए राजी करके एनडीए सरकार महज अपनी छवि को फिर से स्थापित करने की कोशिश कर रही है. 
 
साहित्य महोत्सव में उदय प्रकाश ने कहा कि हैदराबाद में एक छात्र की मृत्यु के केवल एक सप्ताह बाद लेखकों को अवार्ड वापस लेता देख मैं दुखी हूं. उन्होंने कहा कि व्यग्तीगत रुप से मेरा मानना है कि लेखकों ने बहुत जल्दी में यह निर्णय  ले लिया है. अवॉर्ड वापस लेना ये उन लोगों का व्यक्तिगत निर्णय है और इस पर मैं कोई टिप्पणी नहीं कर सकता.
 
हाल में हीं साहित्य अकादमी ने इस बात की घोषणा की थी कि कुछ लेखक पुरस्कार वापस लेने को सहमत हो गए हैं. जानकारी के अनुसार अकादमी के संविधान में एक बार अवार्ड देने के बाद उसे वापस स्वीकार करने का प्रावधान नहीं है. हालांकि नयनतारा सहगल और अशोक वाजपेयी ने अकादमी के इस दावे का खंडन किया है.