तिरुवनंपुरम. शराब के लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए 50 लाख रुपये रिश्वत लेने के मामले में केरल के आबकारी मंत्री के.बाबू ने इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री ओमान चांडी को सौंप दिया है.

बाबू ने इस्तीफा अपने ऊपर लगे आरोपों के बाद दिया है. उन पर शराब के लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए 50 लाख रुपये रिश्वत लेने का आरोप लगा था. कोर्ट ने एंटी करप्शन ब्यूरो को के. बाबू के खिलाफ रिश्वत लेने के आरोप में केस दर्ज करने का आदेश दिया है. कोर्ट के आदेश के बाद मंत्री ने इस्तीफा दे दिया.

के. बाबू कांग्रेस सरकार के दूसरे मंत्री हैं जिन्हें  बार रिश्वत कांड में रिश्वत लेने के आरोप में इस्तीफा देना पड़ा है. कोर्ट ने इस संबंध में निगरानी और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को आदेश दिया है कि बार रिश्वत मामले में एक्साइस मिनिस्टर के बाबू पर केस दर्ज किया जाए.

के .बाबू पर 50 लाख रुपये रिश्वत लेने का आरोप है. बिजू रमेश बार मालिक ने लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए उन्हें यह पैसा दिया था. कोर्ट ने वीएसीबी से कहा है कि उन पर लगे आरोप को एक महीने में साबित करें. रिश्वत लेना कानून जुर्म है इसिलए इस मामले पर केस दर्ज होना चाहिए.

कोर्ट ने कहा कि एक महीने में इस संबंध में पूरी रिपार्ट सौपें, लेकिन जांच में जल्दबाजी में नहीं की जानी चाहिए. कांग्रेस के राज्य प्रभारी ने वी.एम सुधीरन ने कहा कि  पार्टी ने कोर्ट के की तरफ से दिए आदेश को गंभीरता से लिया है और इस पर पार्टी उचित कार्रवाई करेगी.