लखनऊ. उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्‍यमंत्री मायावती की तरफ से लखनऊ में बनाए गए स्मारकों में मौजूदा अखिलेश सरकार ने फिश पार्लर से लेकर मिल्क बार तक खुलवा दिए हैं. उनमें अब दूध बिक रहा है, बिजली का बिल जमा हो रहा है, छेड़खानी की शिकायतें दर्ज हो रही हैं और मेट्रो का डिपार्टमेंट बनने वाला है.

स्मारकों में दुकान खुलवाने को लेकर नाराज़ मायावती ने अखिलेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि वो इसका बदला सूद-ब्याज समेत लेंगी, ताकि कोई दोबारा ऐसी गुस्ताखी न कर सके.

मायावती का कहना है कि समाजवाद ये नहीं कि यहां बीएसपी की सरकार की तरफ से दलितों और पिछड़ों के महान संतों, गुरुओं और महापुरुषों के आदर-सम्‍मान में बनाए गए स्‍थलों के साथ आए दिन जातिगत और राजनीति द्वेष की भावना से छेड़छाड़ की जाए.

मायावती ने कहा है कि इसका उचित जवाब इस बार वक्‍त आने पर इस पार्टी को ब्‍याज सहित जरूर दिया जाएगा, ताकि भविष्‍य में कोई भी विरोधी पार्टी इन स्‍थलों के साथ किसी भी प्रकार की कोई छेड़छाड़ नहीं कर सके.

वहीं इस मामले पर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव का कहना है कि ‘हम स्‍मारकों को नहीं, लोगों के लिए जगह बनाते हैं. हमारे पार्क में एक लाख लोग पहुंच गए हैं. बताओ आपके पार्क में कभी एक लाख लोग भी जाएंगे और जाएंगे तो क्‍या सुविधा है ? और ये तो उन्‍होंने खुद ही स्‍वीकार किया था कि आने वाली सरकार में हम स्‍मारक नहीं बनाएंगे प्रतिमाएं नहीं लगवाएंगे.