चंडीगढ़. हरियाणा के कृषिमंत्री ओपी धनखड़ने ने अपने बयान पर सफाई दी है. उन्होंने अपने पहले के बयान पर सफाई देते कहा कि हरियाणा वीरों की भूमि है और यहां आत्महत्या का वातावरण नहीं. आत्महत्या करने वाला जरुर अपने पत्नी और बच्चों को अकेला छोड़ जाता है, जिसका हरियाणा सरकार समर्थन नहीं करती. उन्होंने मंडियों पर आए गेहूं की खरीद का ऐलान करते हुए कहा, ‘हम किसानों के लोन तीन साल के लिए कर्ज एडजस्ट कर रहे. सरकार इसके लिए  281 करोड़ रुपए खर्च कर रही है. मंडियों में 6 क्विंटल की जगह साढ़े पांच क्विंटल गेहूं आए हैं और इसे खरीदने के लिए सरकार 1450 करोड़ रुपए खर्च करेगी.’

कृषिमंत्री ओपी धनखड़ बोले, ‘आत्महत्या करने वाले किसान कायर, अपराधी’

हरियाणा के कृषिमंत्री ओपी धनखड़ने ने किसानों की आत्महत्या पर विवादित बयान दिया है. उन्होंने बयान देते हुए कहा कि कोई भी आत्महत्या करने वाला व्यक्ति जिम्मेदारी से भागता है. अपने परिवार को छोड़कर चला जाता है. पत्नी पर बोझ छोड़कर चला जाता है. ऐसे लोग कायर होते हैं और सरकार जैसे कोई भी संस्था ऐसे कायर के साथ नहीं खड़ी हो सकती. सरकार ऐसे अपराधी के साथ खड़ी नहीं हो सकती. मंत्री जी का यह बयान किसानों की आत्महत्या के संबंध में पूछे के सवाल पर आया था. 

तमाम राजनीतिक दलों के नेता अब इस पर बयान की निंदा कर रहा है. कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि किसानों को अपराधी नहीं कहा जाना चाहिए. यह असंवेदनहीन बयान है. उन्हें बर्खास्त किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि उन्होंने आत्महत्या करने वाले किसानों के परिवार से क्षमा मांगनी चाहिए.