नई दिल्ली. केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि देश के सामने मौजूद बड़ी चुनौतियों का सामना करने के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) जैसी सुरक्षा एजेंसियों को अधिक मजबूत बनाया जाएगा.
 
एनआईए के स्थापना दिवस के मौके पर एजेंसी के अफसरों को संबोधित करते हुए राजनाथ ने कहा, “एनआईए जैसे संगठनों को सशक्त बनाने की जरूरत है. इन्हें अपने कर्तव्यों के निर्वहन के लिए बेहतर रूप से संगठित होना होगा.” गृहमंत्री ने कहा, “आधुनिक उपकरणों की जरूरत है. इस दिशा में काम हो रहा है. एनआईए की दक्षता और बढ़ेगी.” 
 
‘आतंकवाद वैश्विक चुनौती’
राजनाथ ने कहा, “आतंकवाद एक वैश्विक चुनौती है. भारत आतंकवाद से लड़ रहे देशों का समर्थन करता है.” गृहमंत्री ने इस मौके पर जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल एन.एन.वोहरा के इस सुझाव का स्वागत किया कि आतंकवाद और अन्य राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों से निपटने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा प्रशासनिक सेवा का गठन किया जाना चाहिए. राजनाथ ने कहा कि राज्यपाल के इस सुझाव को उचित मंच पर उठाया जाएगा.
 
‘अलग मंत्रालय का गठन हो’
वोहरा ने यह भी सुझाव दिया कि आतंकवाद और अन्य सुरक्षा मुद्दों से निपटने के लिए एक अलग मंत्रालय का गठन किया जाए. उन्होंने कहा कि राज्य सरकारों को इस बात के लिए नहीं उलझना चाहिए कि किसी मामले की जांच एनआईए करे या पुलिस.
 
कब हुआ गठन?
एनआईए का गठन 19 जनवरी, 2009 को किया गया था. इसके गठन का उद्देश्य आतंकवाद और अन्य राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी मुद्दों की राष्ट्रीय स्तर पर जांच अंतर्राष्ट्रीय मानकों के हिसाब से करना था.