नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार में भूकंप से प्रभावित इलाकों में राहत कार्यो के समन्वय की जिम्मेदारी चार केंद्रीय मंत्रियों को सौंपी है. केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने मंगलवार को यह जानकारी दी. नेपाल में शनिवार को आए विनाशकारी भूकंप के झटके बिहार उत्तर भारत में भी लगे थे। इस जलजले के कारण बिहार में 57 लोगों की मौत हो चुकी है. 

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने एक ट्वीट में कहा, “केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार, राधा मोहन सिंह और जेपी नड्डा बिहार जाएंगे और स्थिति का जायजा लेंगे, साथ ही राहत कार्यो को समन्वित करेंगे.” संसदीय मामलों के राज्यमंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने आईएएनएस से कहा कि स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, पेट्रोलियम मंत्री धर्मेद्र प्रधान, कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह और रसायन एवं उर्वरक मंत्री अनंत कुमार राज्य का दौरा करेंगे. नकवी ने कहा, “इन चार मंत्रियों को भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यो के समन्वय की जिम्मेदारी दी गई है.”

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता नकवी ने कहा कि धर्मेद्र प्रधान पहले से बिहार में हैं. वह वहां पर भूकंप प्रभावित नेपाल से लौटने वालों और भारत की ओर से नेपाल को राहत सामग्री भेजे जाने की प्रक्रिया पर निगरानी रखे हुए हैं. नेपाल में आए इस भूकंप की रिक्टर पैमाने पर तीव्रता 7.9 मापी गई है. इस भीषण आपदा के कारण नेपाल में अभी तक 4,300 लोगों की मौत हो चुकी है. भूकंप के झटके भारत के कुछ हिस्सों में भी लगे थे. 

भारत में भूकंप के कारण 72 लोगों की मौत हुई है। सबसे ज्यादा मौत के मामले बिहार में सामने आए हैं. यहां पर भूकंप से 57 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. पीएमओ ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने गृहमंत्री राजनाथ सिंह और अन्य शीर्ष अधिकारियों के साथ भूकंप के कारण उत्पन्न स्थिति की समीक्षा के लिए एक बैठक की. प्रधानमंत्री कार्यालय ने साथ ही बताया, “पेशे से चिकित्सक केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने नेपाल में भूकंप पीड़ितों में मधुमेह रोगियों को मुफ्त इंसुलिन भेजने की व्यवस्था की है.”

IANS