श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को कहा कि एक साल और बीत गया, लेकिन राज्य में कश्मीरी पंडितों को वापस लाने के प्रयासों में कोई प्रगति नहीं हुई. उमर ने अपने एक ट्वीट में कहा, “एक और साल बीत गया लेकिन विस्थापित कश्मीरी पंडितों की वापसी की कोशिश में कोई प्रगति नहीं हुई है. वादे और धुंधले हो गए हैं.” 
 
उन्होंने अगले ट्वीट में कहा, “मौजूदा सरकार से बहुत उम्मीदें थीं. बाकी दलों पर तो केवल बातें बनाने के आरोप लग रहे थे, लेकिन कुछ नहीं बदला.”
 
पूर्व मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “अब हम केवल इतना कर सकते हैं कि कश्मीर के पूर्ण होने की उम्मीद में हम कश्मीरीयत की भावना को जिंदा रखने की अपनी प्रतिबद्धता बरकरार रखें.”