नई दिल्ली. पटेल आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है. हार्दिक को अभी जेल में ही रहना होगा. सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात पुलिस को निर्देश दिया है कि हार्दिक के खिलाफ गुजराती में दायर आरोप पत्र को इंग्लिश में ट्रांसलेट कर 27 जनवरी तक कोर्ट में जमा करें.

वहीं मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने एजी मुकुल रोहतगी से कहा कि ऐसे मामलों में क्या किया जा सकता है जब हिंसा, आगज़नी और सार्वजनिक संपति को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया जाता हो तो इसे रोकने के लिए अदालत क्या कर रही है. सुप्रीम कोर्ट इस मामले की अगली सुनवाई 3 फरवरी को करेगी.

बता दें कि गुजरात हाईकोर्ट ने पिछले साल राजद्रोह के आरोप को चुनौती देने वाली हार्दिक पटेल की पिटीशन को खारिज कर दिया था. कोर्ट ने कहा कि पहली नजर में हार्दिक के खिलाफ राजद्रोह का मामला बनता है.

बता दें कि पिछली साल गुजरात के पाटीदार समुदाय के लोगों ने आरक्षण की मांग को लेकर पूरे राज्य में आंदोलन चलाया था. इसके नेता हार्दिक पटेल को हिरासत में लेने के बाद हिंसा भड़क उठी थी. और आंदोलन में दस लोगों की मौत हो गई थी.

हार्दिक पर लोगों को भड़काने का आरोप

हार्दिक पटेल पर युवाओं को हिंसा के लिए भड़काने और सरकार को अस्थिर करने की कोशिश करने का आरोप है. हार्दिक पटेल पर देशद्रोह का एक और मामला चल रहा है, जिसमें उन पर आरोप है कि उन्‍होंने कार्यकर्ताओं से अपील की थी, ‘आत्‍महत्‍या मत करो, पुलिस को मारो’. पाटीदार नेता हार्दिक पटेल इस समय जेल में हैं.