नई दिल्ली. 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में भारत की जीत और बांग्लादेश के सृजन में एक अहम भूमिका निभाने वाले लेफ्टिनेंट जे.एफ.आर. जैकब (सेवानिवृत्त) का  बुधवार को निधन हो गया. जैकब (93) ने आर्मी हॉस्पिटल (रिसर्च एंड रेफरल) में सुबह करीब 8.30 बजे अंतिम सांस ली.
 
अस्पताल के एक अधिकारी ने कहा कि उन्हें निमोनिया हुआ था. उन्हें एक जनवरी को भर्ती कराया गया था.
 
ढाका पहुंचने वाले पहले अधिकारी थे
1971 में पाकिस्तान से हुए युद्ध में मोर्चा संभालते हुए भारतीय सेना की पूर्वी कमान के स्टाफ ऑफिसर लेफ्टिनेंट जनरल जैकब सबसे पहले ढाका पहुंचने वाले अधिकारी रहे थे. सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने गोवा और पंजाब के राज्यपाल के रूप में अपनी सेवाएं दीं.
 
1971 के युद्ध पर लिखी किताब
पाकिस्तानी लेफ्टिनेंट जनरल नियाजी के पास अकेले ढाका में 26 हजार 400 सैनिक थे. लेकिन उन्हें सिर्फ 3000 भारतीय सैनिकों के सामने आत्मसमर्पण करना पड़ा. इसी जंग के बाद बांग्लादेश का जन्म हुआ जो उस वक्त पूर्वी पाकिस्तान के नाम से जाना जाता था.
 
इस युद्ध में भारत के सामने पाकिस्तान ने घुटने टेक दिए और करीब 93 हजार पाकिस्तानी सैनिकों ने हथियार डाल दिए थे. इस पूरे घटनाक्रम पर जेएफआर जैकब ने एक किताब भी लिखी थी जिसका नाम है- सरेंडर एट ढाका- एक देश का जन्म.