कोलकाता. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि मालदा जिले में हुई हिंसा कोई धार्मिक दंगा नहीं था, बल्कि स्थानीय निवासियों और बीएसएफ कर्मियों के बीच हुई झड़प का नतीजा था. बनर्जी ने दो दिवसीय बंगाल वैश्विक व्यापार सम्मेलन के दौरान ये बात कही कि घटना के बारे में तथ्यों को तोड़-मरोड़कर गलत सूचनाएं फैलाई जा रही है.
 
उन्होंने कहा कि यह बीएसएफ और स्थानीय निवासियों के बीच की घटना है और राज्य सरकार इसमें कहीं भी शामिल नहीं है. वहीं, बीजेपी ने बनर्जी के दावे को खारिज करते हुए मुख्यमंत्री पर ही गलत सूचना फैलाने का आरोप लगाया है.
 
बीजेपी के राष्ट्रीय सचिव राहुल सिन्हा ने बताया, “मुख्यमंत्री भ्रामक बातें कहकर जिम्मेदारियों से भागने की कोशिश कर रही हैं. अगर यह बीएसएफ जवानों और स्थानीय निवासियों के बीच झड़प थी तो कालियाचक थाने पर क्यों हमला किया गया और पुलिस के 11 से ज्यादा वाहनों में क्यों तोड़फोड़ की गई.”
 
सिन्हा ने दावा किया कि इस घटना की आड़ में राज्य सरकार अपने लोगों के राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल होने के सबूतों को मिटाने में जुटी है. उन्होंने कहा कि उस क्षेत्र में गाय की तस्करी, घुसपैठ और नकली नोट की तस्करी धड़ल्ले से होती है. उन मामलों की फाइल कालियाचक थाने में थी, जिसे दंगे की आड़ में जला दिया गया.
 
बता दें कि पुलिस ने मालदा में अब तक 10 दंगाइयों को हिरासत में लिया है. उन पर आगजनी और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसे कई आरोप लगाए गए हैं.