नई दिल्ली. सीबीआई ने पर्ल्स ग्रुप के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक निर्मल सिंह भंगू और तीन अन्य अधिकारियों को 45,000 करोड़ रुपए के घोटाले में अरेस्ट कर लिया है. बताया जा रहा है कि ये लोग लगातार बयान बदल रहे थे और जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे. इस घोटाले में 5.5 करोड़ निवेशकों को चूना लगाने का आरोप है. 
 
सीबीआई के प्रेस सूचना अधिकारी आर के गौड़ ने बताया, ”निर्मल सिंह भंगू के अलावा पीएसीएल के प्रबंध निदेशक व प्रवर्तक निदेशक सुखदेव सिंह, कार्यकारी निदेशक (वित्त) गुरमीत सिंह और पीजीएफ-पीएसीएल पॉन्जी स्कीम मामले के कार्यकारी निदेशक सुब्रत भट्टाचार्य को अरेस्ट किया गया है.”
 
सीबीआई के अधिकारियों ने बताया कि चारों कार्यकारियों को मुख्यालय पर पूछताछ के बाद अरेस्ट किया गया है. सूत्रों ने बताया कि पूछताछ के दौरान उन्होंने बिना तालमेल वाले जवाब देने शुरू किए और साथ ही सहयोग करना भी बंद कर दिया, जिसके बाद उन्हें अरेस्ट कर लिया गया.
 
यह मामला देशभर में 5.5 करोड़ निवेशकों से करीब 45,000 करोड़ रुपए जुटाने का है. गौड़ ने बताया कि इनके खिलाफ आईपीसी की धारा 120 बी (आपराधिक साजिश) और 420 (धोखाधड़ी) की धाराओं में मामला दायर किया गया है. निवेशकों को भारी रिटर्न का लालच देकर उनसे धन जुटाया गया था.
 
बता दें कि पिछले साल प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) ने ‘मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून’ के तहत पीएसएल के दिल्ली, मुंबई, मोहाली, चंडीगढ़ और जयपुर के दफ्तरों में छापे मारे थे. साल 2015 में सीबीआई की एफआईआर के आधार पर प्रवर्तन निदेशालय ने पीएसीएल के खिलाफ आपराधिक केस दर्ज किया था. इसके बाद जांच शुरू कर दी गई थी.