लखनऊ. उत्तर प्रदेश की अखिलेश सरकार के आने वाले बजट में साल 2017 में होने वाले विधानसभा चुनाव की झलक साफ दिखाई देगी. इस बजट में ऐसी योजनाएं होंगी, जो एक साल में ही जनता को तुरंत लाभ देने वाली होंगी. अगले साल की शुरुआत में ही विधानसभा चुनाव होना है, इसलिए अखिलेश सरकार का इस बार अंतिम बजट होगा. 
 
मुख्यमंत्री ने अपनी पार्टी के एजेंडे के अनुसार, कई लोकलुभावन योजनाएं शुरू कराने के लिए बजट में प्रावधान रखने के निर्देश दिए हैं.
 
हाल ही में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में वित्तवर्ष 2016-17 की बजटीय व्यवस्था एवं विकास एजेंडे को लेकर उनके आवास पर एक उच्चस्तरीय बैठक हुई. इसमें मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सपा सरकार की तमाम प्राथमिकताएं अधिकारियों के सामने रखीं.
 
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस बजट में आधारभूत ढांचे के विकास के बदले आम जनता, विशेषकर ग्रामीण परिवेश के लोगों को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने पर अधिक फोकस किया जाए.
 
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की बिजली, शिक्षा, चिकित्सा और स्वास्थ्य से लेकर कृषि, सड़कें व समाज कल्याण की योजनाओं के मद में पहले से अधिक धन मुहैया कराने पर जोर दिया. खासकर समाजवादी पेंशन योजना के बजट में वृद्धि करने से लेकर बेरोजगारी भत्ता योजना फिर से शुरू करने के लिए बजट में धन की व्यवस्था पर ध्यान केंद्रित करने को कहा.