नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मराठी के जाने माने लेखक आलोचक एवं भाषाविद् प्रोफेसर भालचंद्र नेमाडे को 50वें ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया है. इस मौके पर प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रोफेसर नेमाडे का लेखन अनेक पीढिय़ों को प्रेरित करेगा. मोदी ने जोर दिया कि साहित्य, प्रौद्योगिकी के वर्तमान युग में बहुत ही अहम है.

नेमाडे को 1963 में प्रकाशित ‘कोसला’ नामक उपन्यास से प्रसिद्धि मिली. 1991 में उनकी ‘टीकास्वयंवर’ कृति के लिए उन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया.