लखनऊ. बीएसपी के राष्ट्रीय महासचिव स्वामी प्रसाद मौर्य ने बीजेपी और संघ पर निशाना साधते हुए राम मंदिर निर्माण पर कहा कि अयोध्या मसला सुप्रीम कोर्ट में विचारधीन है. ऐसे में राम मंदिर की बात करने वाले देसी आतंकवादी हैं. ये लोग सपा सरकार की शह पर ही पत्थर ला रहे हैं.
 
मौर्य ने आगे कहा, ”अयोध्या में ट्रकों से लद कर शिलायें पहुंच गयीं, मगर सपा सरकार सोती रही. इससे भी साबित होता है कि सपा-बीएसपी में सांठगांठ है.” उन्होंने कहा, ”यदि समाजवादी पार्टी सरकार सुप्रीम कोर्ट का सम्मान करती तो शिलाएं वहां कतई न पहुंच पाती.”
 
‘राज्य में साम्प्रदायिक वातावरण बिगाड़ रहे हैं’
मौर्य ने ने सपा और बीजेपी के बीच सांठगांठ का आरोप लगाते हुए कहा कि दोनों मिलकर प्रदेश का साम्प्रदायिक वातावरण बिगाड़ रहे हैं, और यही वजह है कि दादरी मामले में हत्या का कारण बताए जा रहे गौमांस की फोरेंसिक रिपोर्ट नहीं ली गई है.
 
‘दादरी कांड में सच सामने नहीं ला रही है सरकार’
बीएसपी नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा, ‘राज्य पुलिस दादरी मामले में फोरेंसिक जांच रिपोर्ट नहीं ले रही है कि वह सचमुच गौमांस था या नहीं. पुलिस ऐसा इसलिए कर रही है कि क्योंकि रिपोर्ट सामने आने पर बीजेपी-सपा की मिलीभगत उजागर हो जाएगी.
 
‘2017 में भी हो सकते हैं दंगे’
मौर्य ने कहा, ”बीएसपी हमेशा से यह कहती रही है कि प्रदेश का भाईचारा बिगाड़ने में दोनों दलों की मिलीभगत है. 2014 में हुए लोकसभा चुनाव से पहले प्रदेश में जिस तरीके से साम्प्रदायिक दंगों का दौर चला था, वैसे ही दंगे 2017 के विधानसभा चुनाव के करीब आने पर होंगे.” उन्होंने कहा, ”शायद यही वजह है कि दादरी मामले में मांस के नमूने की फोरेंसिक जांच रिपोर्ट नहीं ली जा रही.” 
 
बता दें कि 28 सितंबर को दादरी के बिसाडा गांव में गौमांस खाने की अफवाह में उग्र भीड़ ने मोहम्मद अखलाक की हत्या कर दी थी. मांस के नमूने जांच के लिए मथुरा की फोरेंसिक प्रयोगशाला में भेजी गयी थी, मगर अभी तक जांच रिपोर्ट हासिल नहीं की गई.