जम्मू. ‘असहिष्णुता’ के मुद्दे पर अवार्ड लौटाने वाले लोगों पर निशाना साधते हुए बॉलीवुड अभिनेता अनुपम खेर ने कहा है कि बिहार चुनाव के बाद अवार्ड वापस करने का सिलसिला अचानक रूक गया है.

खेर ने इस तरह के अभियान को अचानक रोकने पर सवाल उठाते हुए कहा है कि ‘किसी तरह मैंने पुरस्कार वापसी के बारे में अपनी आवाज उठाई. यह पहला मौका है जब ऐसा हुआ है. मेरा मानना है कि इसे काफी सुनियोजित तरीके से किया गया था और बिहार चुनाव के बाद पुरस्कार वापसी का मौसम अचानक बंद हो गया.

उन्होंने कहा कि मेरा हमेशा मानना है कि भगवान की कृपा से मुझे कई पुरस्कार मिले हैं। यद्यपि पुरस्कार किसी संगठन द्वारा दिए जाते हैं लेकिन वो आम आदमी के प्रेम और प्रोत्साहन का प्रतिनिधित्व करते हैं.  

खेर ने कहा कि सबसे बड़ी असहिष्णुता कश्मीरी पंडितों की त्रासदी के खिलाफ दिखाई जानी चाहिए थी, लेकिन वह पुरस्कार लौटाने वालों की नजर से ओझल रहा. कश्मीरी पंडितों के जगती टाउनशिप का दौरा करने वाले अभिनेता ने कहा कि वह समुदाय की वापसी और पुनर्वास पर काम करेंगे.