इंदौर. केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने महाराष्ट्र में PWD मंत्री रहते पुलों का जाल बिछाने की एक रोचक कहानी सुनाई और बताया कि एक बार उन्होंने रेलवे बोर्ड के चेयरमैन से कहा था कि अगर रेलवे ने ओवरब्रिजों को जल्दी क्लीयरेंस नहीं दिया तो वो उनके दो-चार लोगों को छत से फेंक देंगे.
 
 
इंदौर में एक कार्यक्रम में गडकरी ने महाराष्ट्र के PWD मंत्री के तौर पर अपने कार्यकाल को लेकर कहा, “रेलवे डिपार्टमेंट ने मुझे बहुत तकलीफ दी थी. मैं जब मंत्री था तो एक-एक ओवरब्रिज के क्लीयरेंस में तीन-तीन साल तक तकलीफ देते थे.” 
 
… और फिर डेढ़ महीने में 75 ओवरब्रिज को क्लीयरेंस दिया रेलवे ने
 
गडकरी ने कहा, “जब मैं मंत्री बना तो एक बार रेलवे बोर्ड के चेयरमैन से कहा कि मुझे बहुत बैकलॉग निकालना है. मेरे रेलवे ओवरब्रिज पास नहीं करोगे तो तुम्हारी छठी मंजिल से दो-चार लोगों को नीचे ढ़केल दूंगा. अगर ओवरब्रिज न बना तो पक्का ये काम करूंगा.”
 
 
गडकरी ने अपने इस फॉर्मूले के काम कर जाने का दावा करते हुए कहा, “और 15 दिन में रेलवे ने ऑनलाइन सिस्टम शुरू कर दी. और जो तीन साल में नहीं हुआ था, वो डेढ़ महीने में 75 रेलवे ओवरब्रिज को क्लीयरेंस मिला.”