नई दिल्ली. आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने आज कहा कि संगठन में भले ही विभिन्न पद हो किन्तु वास्तव में सभी स्वयंसेवक हैं. भागवत ने कहा, ”किसी को सर संघचालक या संघचालक बना दिया गया, यह दूसरों का दृष्टिकोण हो सकता है. यहां हम सब स्वयंसेवक हैं.”
 
उन्होंने यह बात एक कार्यक्रम में कही जहां प्रचारक चिरंजीव सिंह को सम्मानित किया गया. भागवत ने उस घटना की याद दिलाई जब आरएसएस के पूर्व प्रमुख एम एस गोलवलकर को संगठन में दूसरों की इच्छा के आगे झुकना पडा और वह उस कार्यक्रम में शामिल हुए जिसके लिए वह इच्छुक नहीं थे.
 
आरएसएस प्रमुख ने कहा कि प्रचारक बिना किसी इच्छा के संगठन की सेवा के लिए आते हैं. उन्होंने कहा कि संघ प्रचारक संगठन को केवल देता है और अपने लिए कुछ नहीं चाहता.