कोल्लम (केरल). प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद की कार्यवाही में बाधा डालने के लिए विपक्ष को आड़े हाथ लिया. उन्होंने कहा कि विपक्ष राष्ट्रपति के 3 ‘डी’ का फॉर्मूला नहीं मान रहा है. वे अंग्रेजी के अक्षर ‘डी’ के तीन शब्दों डिस्रप्ट (बाधा डालना), डिस्ट्रक्ट (ध्वंस करना) और डिमोलिश (नाश करना) के आधार पर काम कर रहे हैं.
 
मोदी ने यह बात पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता स्वर्गीय शंकर की प्रतिमा के अनावरण के बाद कही. समारोह का आयोजन एझवा हिंदुओं के सामाजिक संगठन श्री नारायण धर्म परिपालाना (एसएनडीपी) योगम ने किया था.
 
मोदी ने विपक्ष पर वार करते हुए कहा कि चीजें वैसी नहीं हो रही हैं जैसी कि होनी चाहिए. लोकसभा चुनाव के नतीजों ने कुछ लोगों को उनके घर पहुंचा दिया. अब वे समस्या पैदा कर रहे हैं.” उन्होंने कहा कि बीते हफ्ते राष्ट्रपति ने कोलकाता में जो कुछ कहा था, उस पर कोई एक शब्द नहीं बोल रहा है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने मजबूत लोकतंत्र के लिए तीन ‘डी’ को जरूरी बताया था. ये हैं-डिबेट (चर्चा), डिसेंट (असहमति) और डिसीजन (निर्णय).
 
प्रधानमंत्री ने कहा, “लेकिन इन तीन के बजाए ये लोग (विपक्ष) अपने अलग तरह के तीन ‘डी’ में लगे हुए हैं. ये हैं-डिस्रप्ट, डिस्ट्रक्ट और डिमोलिश.” मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति के बताए तीन ‘डी’ में हमने एक और ‘डी’, डेवलपमेंट (विकास) को जोड़ा है.