नई दिल्ली. देश के अंदर ब्लैक मनी के मूवमेंट पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने 1 जनवरी से 2 लाख से ऊपर के कैश खर्च या लेन-देन पर भी PAN बताना अनिवार्य कर दिया है. 50000 रुपए से ऊपर के होटल बिल या विदेशी हवाई यात्रा का कैश भुगतान करने पर भी पैन बताना होगा.
 
देश के राजस्व सचिव हसमुख अधिया ने नए नियमों की जानकारी देते हुए बताया कि नॉन लग्जरी कैश ट्रांजैक्शन के लिए पैन बताना 2 लाख के ऊपर लागू होगा. छोटे निवेशकों को राहत देते हुए डाकघर में 50 हजार से ऊपर का कैश जमा करने पर पैन बताने की अनिवार्यता को खत्म कर दिया गया है.
 
10 लाख की जमीन या घर के सौदे में भी पैन बताना जरूरी होगा. पहले ये सीमा 5 लाख करने का प्रस्ताव था लेकिन इसके 10 लाख कर देने से छोटे खरीदारों को राहत मिलेगी. अनलिस्टेड कंपनी के शेयर पर 1 लाख से ऊपर के खर्च के लिए भी पैन बताना होगा.
 
देश के अंदर काला धन को लेकर सरकार उठा रही है कड़े कदम
 
बुलियन या जेवरात खरीदने पर 5 लाख के ऊपर अब तक पैन बताने की जो लिमिट थी उसे घटाकर 2 लाख कर दिया गया है. 50 हजार रुपए से ऊपर के कैश कार्ड या प्रीपेड कार्ड की खरीद पर भी पैन बताना होगा.
 
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने लोकसभा में कहा था कि सरकार 2 लाख से ऊपर के कैश या कार्ड ट्रांजैक्शन के लिए पैन बताना अनिवार्य कर रही है और इस संबंध में जल्द ही नोटिफिकेशन जारी हो जाएगा. ये लिमिट उनके 2015-16 के बजट भाषण में प्रस्तावित 1 लाख की लिमिट से दोगुनी है क्योंकि काला धन को लेकर चिंता अब भी बनी हुई है.
 
2 लाख की लिमिट अंतरिम कदम, लक्ष्य 1 लाख पर लाने का: राजस्व सचिव
 
राजस्व सचिव अधिया ने कहा कि 2 लाख की लिमिट एक अंतरिम नियम है क्योंकि सरकार की कोशिश इसे 1 लाख पर लाने की है. उन्होंने कहा कि होटल और विदेशी हवाई सफर लग्जरी है इसलिए इस दो सेगमेंट में 50 हजार से ऊपर के कैश खर्च पर भी पैन बताना होगा.