नई दिल्ली. दुनिया के सात अजूबों में शामिल ताज महल को बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि एक जनवरी के बाद से ताज के पास शवदाहगृह में शवों को फ्री में बिजली से जलाया जाए. कोर्ट ने कार्बन की बढ़ती मात्रा को कम करने के लिए बिजली शवदाहगृह को बढ़ाने की अपील की है.
 
इससे पहले उत्तर प्रदेश सरकार ने कहा था कि ताज के पास से शमशान घाट को हटाना मुमकिन नहीं है क्योंकि इससे लोगों की भावनाओं को आहात पहुंच सकता है. मामले में कोर्ट ने ताजमहल से जुड़े सभी जानकारियों पर विभागों से रिपोर्ट मांगी है जिससे प्रदुषण कम किया जा सके.
 
2017 के चुनाव है अहम
 
अगले साल 2017 में यूपी विधानसभा चुनाव है ऐसे में इस मुद्दे पर राजनीति होगी इसलिए भी शमशान को वहां से हटाया नहीं जा रहा है. सरकार पर शमशान को हटाने को लेकर दबाव किया गया था लेकिन वहां से उसे हटाया नहीं जा सकता.
 
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के जज कुरियन ने ताज को शमशान से निकल रहे धुएं से नुकसान हो रहा है जिसकी लिए उन्होंने एक पत्र में लिखा था कि ताज के पास बने शमशान को दूसरी जगह शिफ्ट किया जाए.