भोपाल. मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा गृहमंत्री बाबूलाल गौर ने अपनी जाति को लेकर एक विवादस्पद बयान दिया है. उन्होंने कहा, ‘यदि मैं अपने नाम में यादव लिखता तो मुख्यमंत्री न बनता.’ 
 
बांके बिहारी यादव समाज समिति द्वारा आयोजित एक समारोह में गौर ने कहा कि वह यादव हैं, मगर यादव नहीं लिखते. यह उनका टॉप सीक्रेट है, जो आज बता रहे हैं. अगर यादव लिखते तो मुख्यमंत्री नहीं बन पाते. पार्टी शायद चुनाव में टिकट तक नहीं देती. 
 
उन्होंने यह बात तब कही, जब एक आदमी ने उन्हें गौर के बदले यादव उपनाम से संबोधित करने की इच्छा जताई. गौर ने आगे कहा कि अगर यादव समाज के लोग गीता का ज्ञान ले लें तो देश में राज करेंगे. इस मौके पर विवाह योग्य युवक-युवतियों का परिचय भी हुआ. इस समारोह में उत्तर प्रदेश और बिहार के यादव समाज के लोग भी मौजूद थे. 
 
बाबूलाल गौर 23 अगस्त, 2004 से 29 नवंबर 2005 तक मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं. उन्हें उमा भारती के स्थान पर मुख्यमंत्री बनाया गया था. गौर का जन्म उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के नौगीर गांव में एक यादव परिवार में हुआ था. हालांकि वे बचपन से ही भोपाल में रहे हैं. भोपाल की गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र से गौर दसवीं बार विधायक बने हैं.