नई दिल्ली. केंद्रीय मंत्री वी. के. सिंह द्वारा ‘दलितों बच्चों को कुत्ता बोले’ जाने के मामले पर कोर्ट से राहत मिल गई है. ट्रायल कोर्ट ने इस मामले पर उनके खिलाफ एससी एसटी एक्ट के तहत आपराधिक मामला दर्ज किए जाने की याचिका को खारिज कर दिया है.
 
इस मामले पर ट्रायल कोर्ट ने कहा कि सिंह के बयान को तोड़ मरोड कर पेश किया गया था. जिसके कारण इसका मतलब बदल गया था. इसलिए उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला नहीं बनता है 
 
मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट मुनीष गर्ग ने कहा कि “किसी एक शब्द को उसके संदर्भ से हटाकर नहीं देखना चाहिए और ना ही उसे किसी जाति समुदाय से जोड़ना चाहिए. उस बयान को पूरे संदर्भ के साथ पढ़ना चाहिए तब जाकर यह वह बयान कहीं से भी आपत्तिजनक या किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला नहीं लगता है.” बता दें कोर्ट में सिंह के खिलाफ ऐडवोकेट सत्यप्रकाश गौतम ने याचिका दाखिल की थी.