हैदराबाद. अयोध्या बाबरी मस्जिद विध्वंस की 23वीं बरसी पर कुछ युवाओं ने रैली निकालने की कोशिश की, जिसे पुलिस ने नाकाम कर दिया. रविवार को मुस्लिम समाज के कुछ युवाओं ने बाबरी मस्जिद के पुनर्निर्माण की मांग करते हुए नारे लगाए. 
 
दारसगाह जिहाद-ओ-शहादत (डीजेएस) के सदस्यों ने ओल्ड सिटी में दारुलशफा में स्थित मस्जिद से एक रैली निकालने का प्रयास किया. पुलिस ने उन सभी युवाओं को प्रतिबंध कानूनों का उल्लंघन करने के जुर्म में गिरफ्तार कर लिया. बाबरी मस्जिद विध्वंस की 23वीं वर्षगांठ कुछ मुस्लिम संगठनों जहां बंद का आह्वान किया.
 
वहीं हिंदू संगठनों ने ‘विजय दिवस’ मनाने की योजना बनाई, मगर दोनों पक्षों को पुलिस ने मायूस कर दिया. शहर में शांति बनी रही. ओल्ड सिटी के कुछ इलाकों में हालांकि दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे. मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में काले झंडे फहराए गए.
 
शहर में अर्धसैनिक रैपिड एक्शन फोर्स और पुलिस बल के सैकड़ों जवानों को तैनात किया गया था. सावधानी बरतते हुए पुलिस प्रशासन ने चार या चार से ज्यादा लोगों के एक जगह इकट्ठा होने पर बैन लगा दिया था.
 
उत्तर प्रदेश के अयोध्या में छह दिसंबर, 1992 को हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने 16वीं सदी में बनी बाबरी मस्जिद को ढहा दिया था. हिंदू संगठनों का दावा है कि जहां मस्जिद थी, वहीं भगवान राम का जन्म हुआ था. राम जन्मभूमि का यह विवादित मामला सुप्रीम कोर्ट के विचाराधीन है.