नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र सरकार द्वारा किए गए कामों का मूल्यांकन खुले दिमाग से करने की जरूरत है. भारत ने उज्जवल भविष्य की ओर अचानक कदम नहीं बढ़ाए हैं और ये दो साल की तपस्या है जो सरकार ने की है.
 
मोदी ने हिंदुस्तान टाइम्स लीडरशिप सम्मिट को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसा माना जा रहा है कि भारत बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में तेजी के साथ आगे बढ़ रहा है और ऐसी धारणा भी है कि देश एक उज्जवल भविष्य की ओर बढ़ रहा है. मोदी ने कहा, “यह सब एकाएक नहीं हुआ है. इसे वैश्विक संदर्भ में और पूर्व के हालातों से जोड़कर देखा जाना चाहिए. हम अगर सिर्फ बीते दो सालों पर नजर डालें और मूल्यांकन करें, तो यह सही नहीं होगा.”
 
प्रधानमंत्री ने यूपीए सरकार की ओर इशारे करते हुए कहा, “मैं जानता हूं कि यह एक मुश्किल काम है. इसके लिए खुले दिमाग और कलेजे की जरूरत है. हम कहां थे और हम किन हालात में थे. चारों तरफ उदासनीसता का माहौल था.” मोदी ने कहा कि एक स्थिर सरकार तेजी से विकास लाने में मददगार है और एक पूर्ण बहुमत वाली सरकार चुनने का श्रेय देशवासियों को जाता है.