नई दिल्ली. भारत की मशहूर टीवी जर्नलिस्ट बरखा दत्त भी यौन शोषण का शिकार हुईं थीं. इस बात का खुलासा उन्होंने अपनी किताब ‘This Unquiet Land – Stories from India’s Fault Lines’में किया. उन्होंने लिखा कि जब मेरी उम्र केवल 10 साल की थी तब मेरे एक रिश्तेदार ने मेरे साथ यौन शोषण किया. मैं बहुत छोटी थी तब ये सब समझ नहीं पा रही थी. यौन शोषण करने वाला कोई और नहीं बल्कि एक रिश्तेदार था. किन्तु जैसे-जैसे मैं बड़ी होती गई वैसे-वैसे मुझे समझ आया की मेरे साथ बहुत गलत हुआ है.
 
उन्होंने लिखा की बचपन के उन दिनों में मैंने गिल्ट और डर को हटाकर एक दिन अपनी मां को अपने साथ हो रही हरकतों के बारे में बता दिया. उस रिश्तेदार को मां ने फौरन घर से बाहर निकाल दिया. मुझे लगने लगा था कि मैं अपने घर में भी सेफ नहीं हूं. मैंने भी अपनी बुरी यादों को दफन करने की कोशिश की. इसमें काफी हद तक सफल भी रही.
 
बरखा ने लिखा कि मैं कुछ वक्त के लिए जामिया में अपने एक साथी के साथ रिलेशनशिप में रही. यहां माहौल बिल्कुल अलग था. टेंशन में लोग स्मोकिंग करते थे. खुद को मैं वहां मिसफिट पाती थी. वजह ये थी कि न तो मैं स्मोकिंग करती थी और न ही ड्रिंक. वहां ये माना जाता था कि अगर आप क्रिएटिव फील्ड में हैं तो आपको सेक्सुअल कम्प्रोमाइज कर लेने चाहिए. मैं एक सिनेमैटोग्राफर के साथ रिलेशन में आ गई, लेकिन जल्द ही महसूस हुआ कि ये मेरे लिए सही नहीं है. एक दिन जब मैंने उससे रिश्ता तोड़ देने की बात कही तो उसने रेजर से अपनी कलाई काट ली. चाहते हुए भी उस दिन मैं रिश्ता तोड़ नहीं पाई.
 
अगली बार जब हम मिले तो मैंने उससे कहा कि मैं रिश्ता तोडना चाहती हूं. उसने मुझे जमीन पर गिराया और रेप की कोशिश की. मैंने उसे थप्पड़ मार दिया. इसके बाद उसने मुझे बुरी तरह पीटा और दीवार से टकरा दिया. मैं गुस्से में वहां से निकल गई. ये 1990 के आसपास की बात थी. मैं यूनिवर्सिटी और पुलिस में शिकायत दर्ज कराना चाहती थी. लेकिन उस वक्त न तो रेप से जुड़े कानून थे और न इनको रोकने के लिए गाइड लाइन्स. वहां कुछ महिलाएं प्रोग्रेसिव जरूर थीं लेकिन वो काफी प्रैक्टिकल भी थीं. 
 
मुझे मेरी दोस्त ने बताया कि इस आदमी के चक्कर में न फसो, ये काफी लड़कियों के साथ ऐसा कर चुका है. मैंने अपना डिपार्टमेंट ही बदल दिया. कॉलेज खत्म होने के बाद 1984 में मैंने एनडीटीवी जॉइन किया, जाॉइन करने से पहले मैंने एक शर्त रखी  थी कि आप उस आदमी को अपने यहां जॉब पर नहीं रखेंगे उन्होंने मेरी ये बात मान ली. इसके बाद मैंने उस आदमी को कभी नहीं देखा.