नई दिल्ली. कांग्रेस ने केंद्र सरकार से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के साथ पिछले साल काठमांडू में सार्क शिखर सम्मेलन के दौरान हुई ‘गोपनीय’ बैठक पर सफाई मांगी. कांग्रेस ने एनडीए सरकार से यह भी पूछा है कि क्या इस मुलाकात के दौरान भारत के लिए चिंता के मुद्दे उठाए गए थे.
 
कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि सार्क शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं के बीच करीब एक घंटे लंबी बैठक को लेकर मीडिया में आई खबरों के बाद से सरकार की ओर से ‘चतुराई भरी चुप्पी’ छाई हुई है. अभिषेक ने मीडिया रिपोर्ट में एक उद्योगपति द्वारा इस बैठक को आयोजित किए जाने की बात पर चुटकी लेते हुए कहा कि क्या सरकार को ऐसा लगता है कि विदेश मंत्रालय इस मामले में अक्षम है.
 
अभिषेक ने कहा, “क्या वास्तव में प्रधानमंत्री ने पाकिस्तानी नेता के साथ बैठक की थी? अगर हां तो क्या आपको लगता है कि विदेश मंत्रालय अक्षम है कि एक निजी उद्योगपति की मदद लेनी पड़ी.”
 
उन्होंने कहा कि क्या प्रधानमंत्री ने इस मुलाकात के दौरान क्या पाकिस्तान द्वारा बीते 18 महीनों में 900 बार संघर्षविराम उल्लंघन किए जाने का मुद्दा उठाया और क्या मुंबई आतंकी हमलों के आरोपी के खिलाफ उचित न्यायिक प्रणाली अपनाए जाने की बात उठाई.
 
अभिषेक ने प्रधानमंत्री से यह भी जानना चाहा है कि क्या उन्होंने शरीफ से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता पर पाकिस्तान के विरोध के बारे में बात की.