अहमदाबाद. गुजरात हाईकोर्ट ने पटेलों के लिए आरक्षण की मांग कर रहे नेता हार्दिक पटेल के खिलाफ देशद्रोह का आरोप बरकरार रखने का आदेश दिया है. हालांकि कोर्ट ने उनके और उनके पांच साथियों पर से ‘सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने’ का आरोप हटा लिया है. देशद्रोह के आरोप में उन्हें उम्र कैद या 10 साल की कैद हो सकती है.
 
एफआईआर अपराध शाखा ने दर्ज की थी. हार्दिक के पिता सुरेश पटेल ने इसके खिलाफ याचिका दायर की थी. उन्होंने कहा था कि आरक्षण के लिए आंदोलन देशद्रोह या सरकार के खिलाफ युद्ध नहीं हो सकता. हार्दिक पर ये आरोप उस फोन कॉल के आधार लगाए गए हैं जिसमें उन्होंने अपने समर्थकों से पुलिसवालों की हत्या, रेल पटरियों को उड़ाने की बातें कही थी.