नई दिल्ली. चीन में बड़े पैमाने पर नकली अंडा बनाने का कारोबार फलफूल रहा है. यहां अंडे का अंदरूनी पीला भाग (योक) और उसका बाहरी सफेद हिस्सा सोडियम एल्गिनाइट, एल्यूम, जिलेटिन, खाने योग्य कैल्शियम से तैयार किया जाता है. इतना ही नहीं इसमें पानी और खाने के योग्य रंगों को मिलाकर उसे हूबहू असली अंडे की शक्ल दी जाती है.
 
कैसे होता है नकली अंडा तैयार?
सबसे पहले हल्के गर्म पानी (गुनगुना पानी) में पर्याप्त मात्रा में सोडियम एल्गिनाइट लेते हैं और इसे अच्छी तरह से मिलाकर अंडे के सफेद आकार की तरह तैयार करते हैं. फिर इसे जिलेटिन और बेंजोइक एसिड, एल्यूम व अन्य दूसरे रसायनों के साथ मिलाकर अंडे का सफेद हिस्सा तैयार किया जाता है. अंडे के पीले हिस्से को तैयार करने के लिए सिर्फ पहले से तैयार मिश्रण में खाने योग्य पीले नींबू का रंग दे दिया जाता है.
 
इसके बाद तैयार सफेद और पीले हिस्से को कैल्सियम क्लोराइड के साथ मिश्रित कर अंडे के आकार में ढाल दिया जाता है. अंडे के बाहरी सफेद आवरण को तैलीय मोम, जिप्सम पाउडर और कैल्शियम कार्बोनेट, और दूसरे तत्वों के मिलाकर तैयार कर दिया जाता है.
 
दिखने में असली, लेकिन नकली होती है मीट
चीन से दुनिया भर के मार्केट में मीट ग्लू (meat glue) नाम का एक प्रोडक्ट बेचा जा रहा है. इसका इस्तेमाल क्या है ये कम लोगों को ही मालूम होगा, लेकिन डिमांड खूब है. ये एक तरह का एंजाइम है जो पैकेट्स में बिकता है. इससे मांस बनाया जा सकता है.
 
ऐसा मांस, जो देखने में और बिल्कुल असली जैसा दिखे. इसमें मीट जैसी आर्टिफिशियल महक भी पहले से डाली हुई होती है. कुछ साल पहले अमेरिका और यूरोप में कई जगह ऐसे मीट ग्लू पकड़े गए थे और मीडिया में भी इनकी खबरें आई थीं.